Sunday, February 14, 2021

शहीद वंदना


 


इस कदर चढ गई थी लाली
माँ तेरे प्यार की
खून से लतपत मेरी वर्दि
तेरी मोहब्बत से रंग लायी थी
मोहब्बत के दिन ही हम
वतन पे जीजाँ  अपना लुटा गए
गैरों को क्या खबर
लपेटे तिरंगे में हम
माँ की गोद में सो गए |
   --  अंश--

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